NEWS LAHAR REPORTER
जादूगोड़ा। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम जिले के अन्य क्षेत्रों की तरह नरवा पहाड़, जादूगोड़ा और पोटका क्षेत्र में भी पिछले दो दिनों से मौसम सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश का व्यापक असर पोटका प्रखंड क्षेत्र के धीरोल पंचायत में देखने को मिल रहा है। बांगो और रोलडीह गांव में जलजमाव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
लगातार बारिश के कारण बांगो गांव की सड़क झील में तब्दील हो गई है, जबकि रोलडीह गांव की ओर जाने वाली सड़क पर भी भारी जलजमाव के कारण तालाब जैसा नजारा बन गया है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण तीन फीट तक पानी और गड्ढों के बीच से होकर जादूगोड़ा-पोटका की ओर आने-जाने को मजबूर हैं। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में हर वर्ष उन्हें इसी तरह की समस्या से जूझना पड़ता है।
वर्षों से समस्या झेल रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और जलनिकासी की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र की जर्जर सड़कों और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
गुरा नदी का बढ़ रहा जलस्तर, यूसीएल कॉलोनी में बढ़ी चिंता
इधर लगातार बारिश के कारण यूसील कॉलोनी, जादूगोड़ा के समीप से गुजरने वाली गुरा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही यूसील कॉलोनी के डूबाव क्षेत्र में रहने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
कॉलोनी के लोग लगातार गुरा नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। नदी का जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने की आशंका को लेकर लोग सतर्क हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में बांगो, रोलडीह समेत आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।
