NEWS LAHAR REPORTER
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान व्यवस्था में UPI की बढ़ती भूमिका के बीच अब इसके प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर देशभर के व्यापारी संगठनों ने विरोध का ऐलान किया है। प्रमुख कारोबारी संगठनों ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन ‘नो UPI डे’ मनाने की घोषणा की है। इस दौरान कई व्यापारी प्रतिष्ठानों पर UPI के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करने की तैयारी है।
व्यापारी संगठनों के प्रस्तावित विरोध के तहत दुकानों पर लगे UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया जाएगा। कुछ कारोबारी उस दिन UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की योजना भी बना रहे हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि देशभर में UPI सेवा तकनीकी रूप से बंद रहेगी। यह व्यापारियों की ओर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन है।
0.40 प्रतिशत MDR को लेकर विरोध
व्यापारी संगठनों का मुख्य विरोध ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत MDR को लेकर है। रिपोर्टों के अनुसार यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की बात कही गई है। व्यापारियों का कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में अतिरिक्त शुल्क से उनकी लागत बढ़ सकती है।
व्यापारी संगठनों का तर्क है कि किराना, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य पदार्थ और अन्य खुदरा कारोबार में पहले से ही प्रतिस्पर्धा और कम मार्जिन की स्थिति रहती है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनके लिए वित्तीय बोझ बढ़ा सकता है।
देशभर के कई संगठनों का समर्थन
‘नो UPI डे’ के आह्वान को कई कारोबारी संगठनों का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। इनमें Federation of All India Vyapar Mandal (FAIVM), Confederation of All India Traders (CAIT), Maharashtra Chamber of Commerce, Industry and Agriculture (MACCIA), All India Consumer Products Distributors Federation, All India Mobile Retailers Association, All India Jewellers and Goldsmith Federation सहित अन्य व्यापारिक संगठन शामिल बताए गए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार देशभर में करीब 500 कारोबारी संगठनों के इस विरोध अभियान से जुड़ने की बात कही जा रही है। महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के व्यापारिक संगठनों ने भी 2 अक्टूबर के कार्यक्रम में भाग लेने की घोषणा की है।
23 सितंबर को मध्य प्रदेश में दिखा विरोध
इससे पहले 23 सितंबर को मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में व्यापारिक संगठनों ने UPI शुल्क के विरोध में प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों के मुताबिक वहां कई दुकानदारों ने QR कोड, स्कैनर और डिजिटल पेमेंट से जुड़े उपकरणों को बंद रखा तथा विरोध दर्ज कराया।
ग्राहकों को रखना पड़ सकता है नकद या कार्ड का विकल्प
यदि 2 अक्टूबर को व्यापारी संगठन अपने आह्वान के अनुसार UPI भुगतान स्वीकार नहीं करते हैं, तो ग्राहकों को खरीदारी के लिए नकद या कार्ड भुगतान का विकल्प इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि, यह व्यवस्था प्रत्येक दुकान और व्यापारी द्वारा अपने स्तर पर अपनाए जाने पर निर्भर करेगी।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य UPI व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रस्तावित MDR को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराना और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना है। 2 अक्टूबर को QR कोड और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढकना इसी विरोध का प्रतीकात्मक हिस्सा होगा।
ऐसे में गांधी जयंती के दिन देशभर के बाजारों में ‘नो UPI डे’ का असर देखने को मिल सकता है और ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के बजाय वैकल्पिक भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
