NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर / रांची:
झारखंड के जमशेदपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹734 करोड़ के कथित फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए ED की रांची टीम ने जमशेदपुर के जाने-माने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को देर रात उनके बिष्टुपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है।
झारखंड के जमशेदपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹734 करोड़ के कथित फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए ED की रांची टीम ने जमशेदपुर के जाने-माने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को देर रात उनके बिष्टुपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है।
तीन राज्यों में एक साथ छापेमारी
ED की आधा दर्जन से अधिक सदस्यों की टीमों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा में बुधवार सुबह 7 बजे एक साथ कई ठिकानों पर धावा बोला। यह कार्रवाई झारखंड के जमशेदपुर, आदित्यपुर, देवघर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में फैले ठिकानों पर की गई। इस दौरान कारोबारी के ठिकानों के साथ-साथ उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) संजय पारेख के बीएस टावर स्थित कार्यालय और घर को भी खंगाला गया, जहां से कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए गए।
क्या है ₹734 करोड़ का यह घोटाला?
ED की जांच के अनुसार, यह पूरा मामला कागजों पर बोगस (फर्जी) कंपनियां बनाकर टैक्स चोरी करने का है:
- शेल कंपनियों का जाल: सिंडिकेट ने करीब 37 शेल (फर्जी) कंपनियां खड़ी की थीं।
- बिना माल के करोड़ों के बिल: इन शेल कंपनियों के जरिए बिना किसी वास्तविक माल (लोहा या स्क्रैप) की सप्लाई किए, लगभग ₹5,000 करोड़ के फर्जी चालान (इनवॉइस) जारी किए गए।
- गलत तरीके से उठाया ITC: इन फर्जी इनवॉइस की मदद से सरकार से ₹734 करोड़ के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत दावा कर के भारी टैक्स चोरी की गई।
यह मामला सबसे पहले जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) की जांच में सामने आया था, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर इसकी जांच शुरू की।
एमजीएम (MGM) अस्पताल में हुआ हंगामा
देर रात गिरफ्तारी के बाद, ED की टीम नियम के तहत दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए जमशेदपुर के MGM अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल परिसर में स्क्रैप कारोबारी बबलू जायसवाल ने डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों के सामने जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- उनका मेडिकल टेस्ट सही तरीके से और नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है।
- उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है, लेकिन उन्हें उनकी नियमित दवाएं नहीं दी जा रही हैं।
हालांकि, डॉक्टरों द्वारा जांच पूरी होने और फिट सर्टिफिकेट मिलने के बाद, ED की टीम दोनों पिता-पुत्र को अपने साथ लेकर रांची के लिए रवाना हो गई।
रियल एस्टेट और मनी ट्रेल की जांच जारी
एजेंसी को शक है कि घोटाले से कमाए गए करोड़ों रुपयों की हेराफेरी (मनी लॉन्ड्रिंग) की गई है। जांच टीम अब हावड़ा और कोलकाता में बेटे राज जायसवाल से जुड़े कारोबारी नेटवर्क और रियल एस्टेट में किए गए भारी निवेश की कड़ियों को जोड़ रही है। ED यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जीवाड़े की यह ब्लैक मनी कहां-कहां खपाई गई है। गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र को आज रांची की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां ED उनकी रिमांड की मांग करेगी.

