गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए लोग बड़ी मात्रा में गन्ने का रस पीना पसंद करते हैं। लेकिन अगर इसे सही समय पर न पिया जाए, तो यही सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है।
दरअसल, गन्ने के रस की प्रकृति ऐसी होती है कि इसे निकालने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर ही इसमें ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हवा के संपर्क में आते ही रस का रंग बदलने लगता है और इसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि गन्ने के रस को निकालकर लंबे समय तक रखा जाए, तो यह किण्वित (फर्मेंट) होकर टॉक्सिन्स पैदा कर सकता है। ऐसे रस के सेवन से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट में संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए बाजार से पैक कराकर घर ले जाया गया गन्ने का रस नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए डॉक्टरों की सलाह है कि गन्ने के रस के पोषक तत्वों का पूरा लाभ लेने के लिए इसे हमेशा कोल्हू से निकलते ही ताजा-ताजा पीना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ताजा गन्ने का रस शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ गर्मी से राहत भी देता है, लेकिन इसे देर तक रखने से इसके फायदे नुकसान में बदल सकते हैं।

