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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव का असर अब आईटी सेक्टर की भर्तियों पर भी दिखाई देने लगा है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक कई आईटी कंपनियां नई नियुक्तियों को लेकर सतर्क हो गई हैं और कुछ मामलों में जॉइनिंग प्रक्रिया भी टाल दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईटी कंपनी टेक महिंद्रा ने महाराष्ट्र के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों से चयनित 2025 बैच के 1000 से अधिक छात्रों की जॉइनिंग फिलहाल टाल दी है। हालांकि इस खबर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन प्रभावित छात्रों का कहना है कि चयन के करीब एक साल बाद भी उन्हें औपचारिक ऑफर लेटर नहीं मिला है।
छात्रों के मुताबिक जनवरी और फरवरी 2025 के दौरान उन्होंने कंपनी की चयन प्रक्रिया के तहत कई चरणों की परीक्षा और इंटरव्यू दिए थे। इसके बाद मार्च 2025 में अंतिम चयन सूची जारी की गई थी। उस समय छात्रों को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी होने के बाद जल्द ही उन्हें कंपनी में काम शुरू करने का मौका मिलेगा, लेकिन अब तक जॉइनिंग से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
एक छात्र ने बताया कि कैंपस प्लेसमेंट में चयन होने के बाद से वह कंपनी की ओर से ऑफर लेटर का इंतजार कर रहा है। लगभग एक साल बीत जाने के बावजूद अब तक जॉइनिंग की तारीख तय नहीं हुई है, जिससे छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वहीं कुछ चयनित उम्मीदवारों ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद उन्होंने अन्य आईटी कंपनियों में भी नौकरी के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में एआई आधारित तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल और बाजार की अनिश्चितता के कारण आईटी सेक्टर में नौकरी पाना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पुणे स्थित फोरम फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज (FITE) के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाया है। संगठन के अनुसार 1000 से ज्यादा चयनित फ्रेशर्स अब भी जॉइनिंग लेटर का इंतजार कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि यदि प्रभावित उम्मीदवार औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं तो इस मामले को श्रम मंत्रालय के सामने उठाया जाएगा ताकि जल्द समाधान निकल सके।
आईटी सेक्टर में एआई के बढ़ते उपयोग, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कंपनियों की बदलती भर्ती रणनीतियों के कारण आने वाले समय में जॉब मार्केट पर इसका असर और स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

