NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर : डीडी बार एंड कैफे के सामने हुए कातिलाना हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्यूष सिंह के पिता चंदन सिंह ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की चुप्पी पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि भाजपा झारखंड की सदस्यता लेने के बाद से उन्होंने संगठन को अपना परिवार माना और तन, मन व धन से पूरी निष्ठा के साथ पार्टी की सेवा की। चुनाव, संगठनात्मक कार्यक्रम और जनहित के हर अभियान में उन्होंने पूरी जिम्मेदारी निभाई तथा कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुख-दुख में हमेशा आगे रहे।
चंदन सिंह ने कहा कि आज उनका परिवार जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। उनके पुत्र प्रत्यूष सिंह डीडी बार एंड कैफे के सामने हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका आरोप है कि घटना के दौरान और उसके बाद, यहां तक कि पीसीआर वैन के भीतर और बाहर भी पुलिस की मौजूदगी में हमलावरों ने उनके बेटे पर हमला किया। फिलहाल प्रत्यूष अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, जबकि पूरा परिवार बेहतर इलाज के लिए शहर से बाहर है।
उन्होंने लिखा कि इस मुश्किल समय में उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी कम-से-कम एक फोन कॉल या संदेश के जरिए परिवार का हालचाल पूछेंगे। लेकिन दुख की बात है कि भाजपा के किसी बड़े नेता ने परिवार की सुध लेना भी जरूरी नहीं समझा।
चंदन सिंह ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वर्षों की निष्ठा और समर्पण की यही कीमत होती है? क्या कार्यकर्ता केवल तब तक अपना होता है, जब तक वह पार्टी के लिए काम करता रहे? क्या उसके सबसे कठिन समय में संगठन उसके साथ खड़ा नहीं होता?
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट किसी राजनीतिक लाभ, विवाद या सहानुभूति के लिए नहीं, बल्कि एक टूटे हुए पिता की पीड़ा है, जो अपने बेटे को जिंदगी के लिए संघर्ष करते देख रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली और आखिरी प्राथमिकता सिर्फ प्रत्यूष सिंह का जीवन बचाना है और ईश्वर से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

