NEWS LAHAR REPORTER
सरायकेला-खरसावां। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में CSR समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जिले के औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में पूर्व की बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न औद्योगिक संस्थानों द्वारा CSR मद से पूर्ण किए गए कार्यों एवं वर्तमान में प्रगति पर चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और जीविकोपार्जन पर विशेष जोर
बैठक में CSR मद से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, आधारभूत सुविधाओं, खेल विकास एवं जीविकोपार्जन संवर्धन के क्षेत्र में संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि CSR के तहत होने वाले कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाए। साथ ही योजनाओं की गुणवत्ता एवं उपयोगिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों और क्षेत्र की आवश्यकताओं के आधार पर CSR मद से कई कार्यों का आवंटन औद्योगिक संस्थानों को किया गया। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं एवं उपकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्य, समाज कल्याण संस्थानों में सुविधाएं, खेल विकास तथा जीविकोपार्जन आधारित परियोजनाओं को शामिल किया गया है।
उपायुक्त ने संबंधित औद्योगिक संस्थानों को आवंटित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन के दौरान संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक मानकों का पालन किया जाए।
स्थानीय जरूरतों के आधार पर हों CSR कार्य
उपायुक्त ने कहा कि CSR के तहत संचालित योजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय समुदाय और आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। औद्योगिक संस्थानों को अपने कार्यक्षेत्र के आसपास की वास्तविक जरूरतों का आकलन कर पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण, दिव्यांगजनों के लिए सहायक सुविधाएं, खेल, कौशल विकास एवं जीविकोपार्जन जैसे क्षेत्रों में जनोपयोगी कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया।
उन्होंने CSR योजनाओं में एक ही प्रकार के कार्य की पुनरावृत्ति से बचने का निर्देश दिया। उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विभागों और औद्योगिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
औद्योगिक संस्थान कराएं नियमित रक्तदान शिविर
बैठक में सभी औद्योगिक संस्थानों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके माध्यम से संस्थानों के कर्मियों और स्थानीय लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने तथा जरूरत के समय जिले में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग करने को कहा गया।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी फोकस
CSR के तहत विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, बच्चों के लिए शैक्षणिक एवं खेल सामग्री उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य संस्थानों में जनोपयोगी सुविधाओं को मजबूत करने तथा समाज कल्याण से जुड़े संस्थानों की जरूरतों के अनुरूप सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि CSR गतिविधियां केवल भवन या आधारभूत संरचना के निर्माण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, युवाओं के कौशल विकास, रोजगार एवं जीविकोपार्जन के अवसर, महिला एवं बाल कल्याण तथा स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो।
नियमित अनुश्रवण का निर्देश
बैठक में CSR के तहत स्वीकृत एवं आवंटित कार्यों की नियमित निगरानी और अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संबंधित विभागों एवं औद्योगिक संस्थानों को कार्यों की प्रगति की नियमित जानकारी उपलब्ध कराने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद उनकी उपयोगिता एवं स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा गया।
अंत में उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सभी CSR कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक जनोपयोगी एवं जीविकोपार्जन आधारित परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
