News Lahar Reporter Jamshedpur : शहर में नवरात्र पूजा पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ संपन्न हो गई। नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में लीन रहे और ज्वारा तथा अखंड ज्योति की विधिवत पूजा-अर्चना की। नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना के साथ जौ बोने की परंपरा निभाई जाती है, जिसे ज्वारा कहा जाता है। इसे मां दुर्गा की कृपा, सुख-समृद्धि और उन्नति का प्रतीक माना जाता है।
पूरे नौ दिनों तक भक्तों ने घरों और पूजा स्थलों पर अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित रखी और नियमित रूप से मां की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
नवरात्र के अंतिम दिन शुक्रवार को शहर के विभिन्न इलाकों में ज्वारा विसर्जन किया गया। इस दौरान भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की धुन और “जय माता दी” के गूंजते जयकारों के बीच भक्तों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ ज्वारा का विसर्जन किया।
श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगल कामना की। पूरे शहर में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला।

