NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर : टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में अग्निशमन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लोको पायलटों को आगजनी जैसी आपात स्थिति में सही अग्निशमन उपकरण का चयन करने और उसका सुरक्षित इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में दक्षिण पूर्व रेलवे के नव नियुक्त ट्रेनी लोको पायलट, प्रमोशनल लोको पायलट, रिफ्रेशर लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हुए। चक्रधरपुर, आद्रा, रांची और खड़गपुर मंडल से कुल 240 लोको पायलटों ने प्रशिक्षण लिया।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर और राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने आग लगने की प्रक्रिया, आग के अलग-अलग वर्ग और उसे बुझाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ठोस, द्रव, गैस, विद्युत उपकरण और धातु से संबंधित आग के लिए अलग-अलग प्रकार के अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। गलत अग्निशामक का उपयोग आग को और गंभीर बना सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान लोको और इंजन में मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि WAG-9 विद्युत इंजन में आग से बचाव के लिए कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) आधारित अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध है। आग लगने की स्थिति में इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्रिय कर आग पर नियंत्रण पाने का तरीका समझाया गया।
डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह ने फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल का मॉक ड्रिल कराया। प्रतिभागियों को यंत्र पकड़ने, आग से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और सही दिशा में फोम या अन्य अग्निशमन माध्यम का इस्तेमाल करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
इस दौरान आग की चपेट में आने पर बचाव के लिए ‘स्टॉप-ड्रॉप-रोल’ तकनीक और झुलसे व्यक्ति के शरीर पर जलने की गंभीरता का आकलन करने वाली ‘रूल ऑफ नाइन्स’ के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य लोको पायलटों को आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने और सुरक्षित तरीके से आग पर नियंत्रण पाने के लिए व्यावहारिक रूप से तैयार करना था।

