जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेयर बनने के बजाय मेयरपति बनने की मंशा से चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मानगो की जनता को ऐसी सोच को सफल नहीं होने देना चाहिए।
सरयू राय ने कहा कि मानगो को अब घिसा-पिटा नेतृत्व नहीं, बल्कि नई पीढ़ी का ऊर्जावान मेयर चाहिए, जो नगर निगम के जरिए जनसुविधाओं और विकास पर गंभीरता से काम करे।
सोशल मीडिया के जरिए साधा निशाना
सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए सरयू राय ने कहा कि मतदाताओं को वोट डालते समय यह तय करना चाहिए कि वे ऐसे प्रत्याशियों को चुनें जो भविष्य की सोच रखते हों, न कि केवल सत्ता के इर्द-गिर्द घूमने वाले चेहरे।
उन्होंने सीधे तौर पर बन्ना गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुस्लिम समुदाय की हथेली पर खड़े होकर खुद को बड़ा नेता दिखाते हैं। उनका दावा है कि मुसलमानों का शत-प्रतिशत वोट उन्हें मिलता है और इसी गुमान में वे हर चुनाव लड़ने की स्थिति में रहते हैं।
सरयू राय ने कहा कि 2024 के चुनाव में आज़ादनगर क्षेत्र में पड़े कुल मतों में से 37 हजार वोट बन्ना गुप्ता को मिले, जबकि उन्हें मात्र 419 वोट प्राप्त हुए। इसी आधार पर बन्ना गुप्ता को मुस्लिम वोट बैंक पर घमंड है।
अब इस वोट बैंक की दावेदारी में जेबा खान और जेबा कादरी के नाम सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह मुस्लिम समाज को तय करना है कि वह किसे समर्थन देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाज के भीतर से यह आवाज उठ रही है कि “आप मंत्री भी बनें, विधायक भी बनें, सांसद भी बनें और अब मेयरपति भी — सब कुछ हमारी वोट से; तो फिर आम लोग सिर्फ दरी बिछाने के लिए रह जाएं क्या?”
अधिकार नहीं, सिर्फ वोट चाहिए
सरयू राय ने आरोप लगाया कि बन्ना गुप्ता ने कभी मुस्लिम समाज को अधिकार देने के बारे में नहीं सोचा। उनकी राजनीति कुछ दबंग लोगों के सहारे चलती है और उन्हीं के दम पर वे सब कुछ नियंत्रित करना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर मुस्लिम वोट खिसक गया, तो बन्ना गुप्ता को अपनी वास्तविक राजनीतिक हैसियत का अंदाजा हो जाएगा।
संध्या सिंह को एनडीए का समर्थन
विधायक ने बताया कि एनडीए ने संध्या सिंह को समर्थन दिया है और वे स्वयं भी उनके पक्ष में लोगों से वोट देने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि मानगो नगर निगम के पहले चुनाव में ऐसा मेयर चुना जाए जो केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ क्षेत्र तक पहुंचा सके।
मानगो नगर निगम का सपना
सरयू राय ने याद दिलाया कि मानगो को नगर निगम बनाने की मुहिम उन्होंने ही सबसे पहले शुरू की थी। उन्होंने कहा कि मानगो को जमशेदपुर से अलग कर नगर निगम बनाने का उद्देश्य यह था कि केंद्र सरकार से मिलने वाला अनुदान सीधे मानगो के विकास में लगे। अब जब पहला चुनाव हो रहा है, तो लंबित निधियों पर दावा कर क्षेत्र का समुचित विकास किया जाना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि मेयर और पार्षद—दोनों पदों पर नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए। दूसरी ओर, उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों से बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी को आगे रखकर चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे साफ लगता है कि यह मेयर का नहीं, मेयरपति बनने का चुनाव है।

