जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में राजस्व संग्रहण और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व वसूली, भू-अर्जन, जन शिकायतों, नीलाम पत्रों की लंबित प्रक्रिया और टाटा लीज भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन विभागों का राजस्व संग्रहण लक्ष्य से पीछे है, वे ठोस कार्ययोजना बनाकर चालू वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने सभी विभागों को राजस्व बढ़ाने के लिए सक्रिय और जवाबदेह रवैया अपनाने पर जोर दिया।
विभागवार निर्देश
राज्य कर विभाग को रेस्टोरेंट-बार लाइसेंस निबंधन बढ़ाकर आय में वृद्धि करने को कहा गया। खनन विभाग को जब्त खनिजों की शीघ्र नीलामी और जुर्माना वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए। उत्पाद विभाग को नकली शराब कारोबारियों पर कार्रवाई और लाइसेंसी दुकानों से राजस्व बढ़ाने को कहा गया।
विद्युत विभाग को नियमित मीटर रीडिंग, समय पर बिलिंग और बिलिंग त्रुटियों के समाधान पर ध्यान देने, जबकि परिवहन विभाग को ओवरलोड वाहनों की जांच कर जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया गया। मत्स्य विभाग को तालाबों की बंदोबस्ती और पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के माध्यम से राजस्व बढ़ाने को कहा गया।
### लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
नीलाम पत्र के लंबित मामलों में नोटिस, कुर्की, वारंट और नीलामी जैसी कड़ी कार्रवाई अपनाने का निर्देश दिया गया। बैंकों से समन्वय कर सेटलमेंट रिपोर्ट मंगाकर मामलों का त्वरित निष्पादन करने पर बल दिया गया।
जमीन खरीद-बिक्री, म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, लगान रसीद और अन्य आवेदनों का तय समयसीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। रिजेक्शन कम करने के लिए डीड राइटरों और हल्का कर्मचारियों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात भी कही गई।
भू-अर्जन और अतिक्रमण पर कार्रवाई
राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं के तहत अर्जित भूमि के मुआवजा भुगतान की समीक्षा की गई। ड्रेन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और वनभूमि से जुड़े मामलों में समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
साथ ही, टाटा लीज भूमि, सड़कों, चौक-चौराहों और हाट-बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया।
बैठक में अपर उपायुक्त, एसडीओ, जिला परिवहन पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, एनएचएआई, टाटा स्टील, रेलवे और अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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