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सोडेक्सो कंपनी के कर्मचारी तपन कुमार महतो टीएमएच में भर्ती, राजद नेता विनोद यादव ने की मुलाकात; मुआवजे के लिए डीएलसी से मिलेंगे
जमशेदपुर। टाटा मोटर्स की कैंटीन में सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक के कारण एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। कैंटीन में सब्जी काटने वाली मशीन की सफाई करने के दौरान कर्मचारी की एक उंगली कटकर अलग हो गई, जबकि दो अन्य उंगलियां क्षतिग्रस्त हो गईं। घायल कर्मचारी की पहचान तपन कुमार महतो के रूप में हुई है। वह सोडेक्सो कंपनी में कार्यरत है, जो टाटा मोटर्स के लिए कैंटीन संचालन का काम करती है।
मिली जानकारी के अनुसार, तपन कुमार महतो नाइट शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे सब्जी काटने वाली मशीन की सफाई के दौरान यह हादसा हुआ। घटना के बाद सोडेक्सो कंपनी के कर्मचारी उन्हें तत्काल टाटा मोटर्स अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से बाद में उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर कर दिया गया।
समय पर इलाज नहीं मिलने से कटी उंगली नहीं जुड़ सकी
घायल कर्मचारी ने बताया कि हादसे के बाद उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया था। उनके अनुसार, वहां डॉक्टर ने कहा कि यदि उन्हें 10 से 15 मिनट के भीतर अस्पताल लाया गया होता, तो कटी हुई उंगली को जोड़ने का प्रयास किया जा सकता था। हालांकि, अस्पताल पहुंचने में देर हो जाने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। इसके बाद उन्हें टीएमएच लाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। जानकारी के अनुसार, उन्हें ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराने की प्रक्रिया भी चल रही थी।
राजद नेता विनोद यादव ने जाना हाल
घटना की सूचना मिलने पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता विनोद यादव टाटा मोटर्स अस्पताल पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि घायल कर्मचारी को टीएमएच ले जाया गया है। इसके बाद विनोद यादव टीएमएच पहुंचे और तपन कुमार महतो से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान घायल कर्मचारी ने उन्हें हादसे की पूरी जानकारी दी।
मुआवजे को लेकर उठाए सवाल
विनोद यादव ने सोडेक्सो कंपनी के अधिकारी पवन कुमार सिंह से भी बातचीत की। इलाज और कर्मचारी को हुई गंभीर शारीरिक क्षति के संबंध में पूछे जाने पर पवन कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से कर्मचारी का इलाज कराया जा रहा है।
जब राजद नेता ने कर्मचारी की कटी हुई उंगली और अन्य दो उंगलियों को हुए नुकसान के बदले मुआवजा दिए जाने को लेकर सवाल किया, तो कंपनी अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।
विनोद यादव ने कहा कि कर्मचारी के साथ हुई घटना गंभीर है। उन्होंने मामले में उचित मुआवजा दिलाने के लिए श्रम विभाग के उप श्रमायुक्त (डीएलसी) से मिलकर मांग उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घायल कर्मचारी के इलाज के साथ-साथ उसके भविष्य और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अब सवाल यह है कि कार्यस्थल पर मशीन की सफाई के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं और इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी बनती है। कर्मचारी को उचित मुआवजा और आवश्यक सहायता मिले, इसके लिए श्रम विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

