NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर: जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने पटमदा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न प्रशासनिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान एवं अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संचालित विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया तथा पदाधिकारियों एवं कर्मियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने आम नागरिकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने विकास योजनाओं के नियमित अनुश्रवण, फील्ड विजिट बढ़ाने तथा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) का भी दौरा किया। उन्होंने विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया। छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, भोजन, पुस्तकें, खेलकूद एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने पर बल दिया।
इसके उपरांत उपायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पटमदा का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, प्रसव कक्ष, दवा वितरण केंद्र, वार्ड सहित विभिन्न इकाइयों का अवलोकन कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता तथा संस्थान में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी, कर्मी एवं अन्य संबंधित उपस्थित थे।

