44वें वार्षिक वनभोज सह पारिवारिक मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प
पोटका : अखिल भारतीय आदिवासी भूमिज–मुंडा कल्याण समिति, झारखंड प्रदेश (केंद्रीय समिति) की ओर से भूमिज–मुंडा समाज का 44वां वार्षिक वनभोज सह पारिवारिक मिलन समारोह–2025 का भव्य आयोजन रविवार को पोटका प्रखंड स्थित सोहदा फुटबॉल मैदान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा–पाठ एवं विद–दिरि झंडोत्तोलन के साथ हुई। इस दौरान खेलकूद प्रतियोगिताएं, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक मेनका सरदार उपस्थित रहीं। सभा को संबोधित करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यह संगठन चार दशक पुराना है और निरंतर समाज को संगठित कर आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने समाज से एकजुटता बनाए रखने, भाषा–संस्कृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ी को अपनी पहचान से जोड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वनभोज और पारिवारिक मिलन केवल उत्सव नहीं, बल्कि भूमिज–मुंडा पहचान को बचाने का सशक्त माध्यम है। विधायक ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में पेसा कानून लागू करने की मंजूरी ऐतिहासिक कदम है, जिससे जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी अधिकार मजबूत होंगे। उन्होंने सामाजिक संगठनों से ग्राम स्तर पर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त करने का आह्वान किया।
विधायक ने जानकारी दी कि 2 जनवरी 2025 को टीसीसी सोनारी, जमशेदपुर में पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। साथ ही कोल्हान क्षेत्र में धुमकुड़िया भवन निर्माण योजना को आगे बढ़ाने और इसके विस्तार को पश्चिम बंगाल, ओडिशा व असम तक ले जाने की बात कही। इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने नगाड़ा और मांदर बजाकर संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष भूमिज विद्रोह के महानायक वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की जयंती जमशेदपुर के गोपाल मैदान में भव्य रूप से मनाने की तैयारी है, जिसमें 50 हजार से अधिक लोगों को एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में समाजसेवी बिभीषण सिंह भूमिज, कामला कांत सिंह मुंडा, शरद सिंह सरदार, मंगल सिंह मुंडा, मदन सिंह मुंडा, शाहेबराम सिंह मुंडा, विश्वनाथ सिंह सरदार, बहादुर सिंह मानकी, सुधाकर सिंह सरदार, लालबाबू सरदार, दिनेश चंद्र सरदार, शिव शंकर सिंह, बंशीलाल सरदार, महेंद्र सिंह भूमिज, खुदीराम सिंह मुंडा, सुरेश भूमिज, आशीष भूमिज, राधेश्याम भूमिज, मुखिया बिदेन सरदार, धर्मेंद्र भूमिज, रूस्तम सरदार, दिलीप सरदार, राजू सरदार, लखी सरदार** सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन बीरेंद्र सरदार ने किया।

