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गंडकी प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित, 747 परिवारों पर पड़ा असर; सैकड़ों मकान और पुल क्षतिग्रस्त
काठमांडू। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। गुरुवार से जारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और नदी कटाव की घटनाएं सामने आई हैं। तीन दिनों में बाढ़ और भूस्खलन से 24 लोगों की मौत तथा 14 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
गंडकी प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान
गंडकी प्रदेश इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बागलुंग में 10, म्याग्दी में 6 और मनांग में 2 लोगों की मौत हुई है। वहीं लुंबिनी प्रदेश के पाल्पा में 5 और धनुषा के मिथिला नगरपालिका क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत की सूचना है।
लापता लोगों में मनांग के 10, म्याग्दी के 3 और बागलुंग के 1 व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा लमजुंग में दो तथा बागलुंग और म्याग्दी में एक-एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
747 परिवार प्रभावित, हजारों लोग विस्थापित
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन से 747 परिवार सीधे प्रभावित हुए हैं। इनमें 143 मकान पूरी तरह और 51 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। गंडकी प्रदेश में करीब 435 घरों के लगभग 1,500 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
प्रदेश में 195 घर पूरी तरह और 26 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बताए गए हैं, जबकि 270 मकान अभी जोखिम की स्थिति में हैं। छह पुल पूरी तरह और दो पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई सरकारी कार्यालयों और पशुशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
कालीगंडकी नदी ने मचाई भारी तबाही
बाढ़ के कारण कालीगंडकी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कई इलाकों में नदी का पानी बस्तियों तक पहुंच गया। स्याङ्जा और गुल्मी को जोड़ने वाला एक पुल बाढ़ में बह गया, जिससे दोनों जिलों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ।
कालीगंडकी कॉरिडोर की बिजली प्रसारण व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। कई जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
मनांग में भूस्खलन और हिमस्खलन से मुश्किल बढ़ी
मनांग में बाढ़ और भूस्खलन के साथ हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप क्षेत्र में हिमस्खलन ने भी चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार हिमलुंग हिमाल पर चार शव बरामद किए जा चुके हैं और 12 लोग अब भी लापता हैं। खराब मौसम और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के कारण खोज अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
मनांग के निचले इलाकों में भी बाढ़ से घरों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर बिजली और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से प्रशासन को नुकसान का पूरा आकलन करने में परेशानी हो रही है।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन, पुलिस, सेना और स्थानीय राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। लापता लोगों की तलाश की जा रही है और जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
नेपाल में मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में नुकसान का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी एवं भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
