News Lahar Reporter
मध्य-पूर्व के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में अमेरिका के दो युद्धपोतों की एंट्री की कोशिश विफल हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह ऑपरेशन एक “प्रचार स्टंट” साबित हुआ, जो ईरान-अमेरिका वार्ता के समय दबाव (Iran America War) बनाने के लिए किया गया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी नौसेना के दो विध्वंसक जहाज USS Michael Murphy (DDG 112) और USS Frank E. Peterson (DDG 121) ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश की, लेकिन ईरानी नौसैनिक बलों ने उन्हें रोक( Iran America War)दिया।
बताया गया कि जैसे ही ये जहाज फारस की खाड़ी के मुहाने के पास पहुंचे, ईरान के क्रूज मिसाइल सिस्टम ने उन्हें टारगेट पर लॉक कर लिया और ड्रोन निगरानी शुरू कर दी। इसके बाद अमेरिकी जहाजों को 30 मिनट के भीतर वापस लौटने की चेतावनी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी जहाजों ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की और खुद को ओमान के कारोबारी जहाजों जैसा दिखाने का प्रयास किया। इसके बावजूद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने इस रणनीति को पकड़ लिया।
ईरानी नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय रेडियो चैनल पर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जहाज पीछे नहीं हटे तो उन्हें निशाना बनाया जाएगा। इसके बाद अमेरिकी जहाजों ने टकराव से बचने के लिए पीछे हटना ही बेहतर समझा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह पूरा ऑपरेशन ईरान-अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में चल रही वार्ता को प्रभावित करने के लिए किया गया था, लेकिन न तो सैन्य और न ही कूटनीतिक स्तर पर इसका कोई सकारात्मक परिणाम निकला।
ईरान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि इस जलडमरूमध्य से किसी भी जहाज के गुजरने की अनुमति केवल उसके सशस्त्र बल ही दे सकते हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

