जमशेदपुर : शहर में आतंकी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में करीब16 आतंकी स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं। इंटरपोल से मिली जानकारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई केंद्रीय एजेंसियां लगातार जांच और निगरानी अभियान चला रही हैं।
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले NIA की टीम कपाली पहुंची थी, जहां स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की गई। इस दौरान एक युवक को हिरासत में लेकर कई घंटों तक पूछताछ की गई। हालांकि ठोस सबूत नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, युवक के तार अलकायदा और ISIS नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी।
साकची और गोलमुरी भी रडार पर
जांच एजेंसियों को साकची के मोहम्मडन लाइन और गोलमुरी इलाके में भी कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली है। इन इलाकों के कई युवकों का बैकग्राउंड खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां बिना पुख्ता साक्ष्य किसी पर कार्रवाई करने से बच रही हैं।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
साल 2019 में एटीएस ने टाटानगर रेलवे स्टेशन से अलकायदा से जुड़े होने के शक में मौलाना कलीमुद्दीन को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की सूचना पर अब्दुर्रहमान अलीखान उर्फ कटकी और धतकीडीह निवासी मोहम्मद सामी को भी पकड़ा गया था। हालांकि, पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण अदालत ने पिछले साल तीनों को बरी कर दिया था।
यही वजह है कि अब एजेंसियां बेहद सतर्कता से जांच कर रही हैं ताकि कानूनी कार्रवाई मजबूत सबूतों के आधार पर हो।
फर्जी पासपोर्ट मामले में भी हुई थी कार्रवाई
13 जनवरी को दिल्ली एयरपोर्ट पर गोलमुरी का एक युवक फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद एटीएस और दिल्ली पुलिस ने टुइलाडुंगरी और कपाली में संयुक्त छापेमारी की। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और उन्हें आगे जांच के लिए दिल्ली बुलाया गया।
दो साल पहले भी NIA की रेड
दिसंबर 2023 में ISIS के वेल्लारी मॉड्यूल की जांच के दौरान NIA ने देशभर में छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में जमशेदपुर से शहबाज समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां शहर के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाकर हर इनपुट की गंभीरता से जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

