जमशेदपुर: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तत्वावधान में बुधवार को चैंबर भवन, बिष्टुपुर में शहर के विभिन्न सैरात बाजारों के व्यापारियों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमशेदपुर नगर अधिसूचित क्षेत्र समिति द्वारा सैरात बाजारों के किराए में हाल ही में की गई वृद्धि पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित व्यापारियों ने एक स्वर में किराया वृद्धि के निर्णय पर गहरी आपत्ति जताई और प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि सैरात बाजारों के किराए में वृद्धि बिना व्यापारियों को विश्वास में लिए लागू कर दी गई है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापारियों और संबंधित हितधारकों के साथ संवाद होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि चैंबर व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे पर प्रशासन से सकारात्मक संवाद करेगा।
चैंबर के उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) अनिल मोदी ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में की गई किराया वृद्धि तर्कसंगत और आनुपातिक नहीं है। उन्होंने कहा कि सैरात बाजारों में वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। कई स्थानों पर सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि किराया बढ़ाने से पहले इन मूलभूत सुविधाओं का समुचित विस्तार किया जाना चाहिए तथा बाजार क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना आवश्यक है, ताकि व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिल सके।
चैंबर के महासचिव पुनीत कांवटिया ने कहा कि सैरात बाजारों के व्यापारी लीज़ होल्डर हैं और उन्हें भाड़ेदार की तरह ट्रीट करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को व्यापारियों की स्थिति और बाजार की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि चैंबर व्यापारियों की भावनाओं और सुझावों को संकलित कर प्रशासन के समक्ष रखेगा और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक पहल करेगा।
बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने सर्वसम्मति से मांग की कि सैरात बाजारों के किराया वृद्धि के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर तर्कसंगत तथा व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

