News Lahar Reporter
बोले- नारी शक्ति के सम्मान से भारत फिर बनेगा विश्व गुरु
जमशेदपुर। महानवमी के पावन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीतारामडेरा-भालूबासा स्थित शीतला मंदिर में मां गौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर झारखंड और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। पूजा के बाद वे कन्या पूजन में भी शामिल हुए।
दुर्गोत्सव के दौरान रघुवर दास जमशेदपुर स्थित अपने गृह आवास पर हैं। नवरात्र के अवसर पर वे शहर के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर मां भगवती की आराधना कर रहे हैं।
महानवमी पर वे एग्रिको स्थित अपने आवास से निकलकर शीतला मंदिर पहुंचे। यहां पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न कराई। रघुवर दास ने मां गौरी की स्तुति कर आरती की और राज्य एवं देश की उन्नति की प्रार्थना की।
पूजा-अर्चना के बाद कन्या पूजन में शामिल होकर उन्होंने नारी शक्ति के महत्व पर अपने विचार रखे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और सदियों से देवी के रूप में उनकी पूजा की परंपरा चली आ रही है।
रघुवर दास ने कहा कि नारी शक्ति का सम्मान भारतीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि कन्या पूजन की परंपरा को मजबूत करने और समाज में महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने से भारत फिर से विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
महानवमी के अवसर पर उनकी पूजा-अर्चना और कन्या पूजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ नारी सम्मान का संदेश भी दिया गया।

