NEWS LAHAR REPORTER
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
उपायुक्त ने अस्पताल के सीटी स्कैन, एमआरआई, पैथोलॉजी, शिशु वार्ड, ऑर्थोपेडिक वार्ड, ओपीडी समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उनकी राय भी जानी। अधिकांश मरीजों ने इलाज, डॉक्टरों की उपलब्धता और दवा वितरण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि कम खर्च में निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती एक स्कूली बच्चे के परिजनों ने बताया कि अस्पताल में इलाज संतोषजनक है और सभी आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, गले की समस्या से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला से भी उपायुक्त ने मुलाकात कर चिकित्सकों को उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी सामने आया, जब उपायुक्त ने एक छोटे बच्चे को मोबाइल फोन चलाते देखा। उन्होंने बच्चे की मां को समझाते हुए कहा कि कम उम्र में मोबाइल का अधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल असर डालता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल की बजाय किताबों, खेलकूद और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “मोबाइल बच्चों का खिलौना नहीं है।”
उपायुक्त ने बताया कि सदर अस्पताल की सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाती है, जिसमें नई चिकित्सा सुविधाएं जोड़ने और आधुनिक उपकरणों की खरीद पर निर्णय लिया जाता है।
सदर अस्पताल में 128 स्लाइस सीटी स्कैन, एमआरआई, 24 घंटे अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, टेलीरेडियोलॉजी, टेली-आईसीयू, डायलिसिस, ईसीजी, ट्रेडमिल टेस्ट, इकोकार्डियोग्राफी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, ईईजी और नर्व कंडक्शन टेस्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में आने वाले महीनों में कैथ लैब, पीईटी स्कैन, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं और रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है।
उपायुक्त ने आम लोगों से अपील की कि यदि अस्पताल में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़े तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दें, ताकि समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

