News Lahar Reporter
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 43/2025 में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट ने आरोपी अमित कुमार श्रीवास्तव उर्फ अमित वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में संज्ञान लिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 420, 468 और 471 के तहत मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए आरोपी को समन जारी करने का आदेश दिया है।
कोर्ट में 30 मार्च 2026 को बिष्टुपुर थाना द्वारा चार्जशीट संख्या 42/2026 दाखिल की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत किए गए कई शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं। केस डायरी के अनुसार नॉर्थ उड़ीसा यूनिवर्सिटी, मयूरभंज के नाम पर प्रस्तुत मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट का विश्वविद्यालय रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व नहीं मिला।

इसके अलावा मयूरभंज लॉ कॉलेज में भी आरोपी के नाम से किसी प्रकार का नामांकन रिकॉर्ड नहीं पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा जिला बार एसोसिएशन, जमशेदपुर में जमा किया गया रांची विश्वविद्यालय का बीए ऑनर्स प्रमाण पत्र भी फर्जी और जाली था।
अदालत ने केस डायरी, एफआईआर और गवाहों के बयान का अवलोकन करने के बाद माना कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला बनता है। चूंकि आरोपी पहले से जमानत पर है, इसलिए कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 204 के तहत समन जारी करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 11 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
इस मामले के सूचक अधिवक्ता श्री राम दुबे के द्वारा फर्जीबाड़े के मामलों का उजागर किया गया हैं ।
जमशेदपुर कोर्ट ने फर्जी डिग्री मामले में अमित वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में संज्ञान लेते हुए समन जारी किया।

