जादूगोड़ा : मकर संक्रांति से पहले अर्जित छुट्टी (Earned Leave) की लंबित राशि के भुगतान की मांग को लेकर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) में ठेका कर्मियों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। आंदोलन की शुरुआत नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट से हुई, जो अब जादूगोड़ा प्रोजेक्ट तक फैल चुकी है।
आक्रोशित ठेका कर्मियों ने माइंस और प्लांट को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे UCIL का संपूर्ण परिचालन ठप हो गया। सड़क जाम के कारण न केवल ठेका कर्मी, बल्कि स्थायी कर्मचारी भी प्लांट के अंदर नहीं जा सके और कई कर्मचारी बाहर ही फंसे रहे।
आंदोलन का नेतृत्व झामुमो के पूर्वी सिंहभूम जिला संयोजक प्रमुख बाघराय मार्डी और मंगल सोरेन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले एक वर्ष से उनकी अर्जित छुट्टी की राशि लंबित है, लेकिन बार-बार मांग के बावजूद प्रबंधन कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। त्योहार के समय भी भुगतान न होने से कर्मियों में भारी नाराजगी है।
अचानक हुई इस हड़ताल से UCIL प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। जादूगोड़ा और नरवा पहाड़ जैसे महत्वपूर्ण यूरेनियम प्रोजेक्ट्स में कामकाज रुकने से कंपनी को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
इधर, नरवा पहाड़ प्रोजेक्ट में विस्थापितों का आंदोलन भी लगातार जारी है। विस्थापितों और ठेका कर्मियों के दोहरे दबाव ने UCIL प्रबंधन की चुनौतियां और बढ़ा दी हैं। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था और आंदोलनकारी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हुए थे।

