NEWS LAHAR REPORTER
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में ट्रेजरी घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस विभाग के फंड से करीब 26 लाख 21 हजार 717 रुपये की अवैध निकासी और ट्रांसफर का खुलासा हुआ है। यह गड़बड़ी पिछले करीब नौ वर्षों (2017 से 2025) के दौरान की गई।
इस मामले में एसपी कार्यालय के लेखा विभाग में कार्यरत सिपाही देवनारायण मुर्मू को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने विभाग में पदस्थापना के दौरान ही सुनियोजित तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया। वर्तमान में वह गोइलकेरा में तैनात था।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि इस अवैध लेनदेन में आरोपी के करीबी रिश्तेदार और परिचित भी शामिल थे। गिरफ्तार लोगों में उसका दोस्त गोरा चांदमाली, जीजा अरुण कुमार वजीर और साला सरकार हेम्ब्रम शामिल हैं। इन सभी के बैंक खातों का इस्तेमाल पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
देवनारायण मुर्मू पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के माको गांव का निवासी है और वर्ष 2009 में पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था। वह एक फुटबॉलर के रूप में भी इलाके में जाना जाता रहा है। एसपी कार्यालय में रहते हुए उसने ‘किंगफिशर एफसी’ नाम से एक फुटबॉल क्लब बनाया था। इस क्लब के माध्यम से वह स्थानीय ही नहीं, बल्कि बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट भी आयोजित कराता था और अपनी टीम को विभिन्न प्रतियोगिताओं में उतारता था।
सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी उसकी सक्रियता की चर्चा रही है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल चाईबासा मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 69/2026 दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

