जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के दोलमाबेड़ा गांव का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उपायुक्त ने जमीन पर बैठकर दोलमाबेड़ा, बोकसीकली, कुंदाबेड़ा, आम्बाजुड़ी, गुंडीबेला और बालूबासा टोला के लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस या ममता वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता है। इस पर उपायुक्त ने एचसीएल के सीएसआर फंड से फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के लिए एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर अंचलाधिकारी को मोबाइल टावर लगाने के लिए स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
जाति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पंचायत सचिव का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
संवाद के दौरान उपायुक्त ने टोला के दो अनाथ बच्चों से मुलाकात की और उनकी पढ़ाई को लेकर अभिभावकों को सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना के तहत नेताजी सुभाष विद्यालय में नामांकन और छात्रावास भेजने के लिए प्रेरित किया।
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने दोलमाबेड़ा झरना का भी निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने मिनी आंगनबाड़ी केंद्र, झरना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, दोलमाबेड़ा-बोकसीकली-गोंदीबेड़ा के बीच पीसीसी सड़क निर्माण, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग रखी। उपायुक्त ने सभी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस मौके पर पंचायत मुखिया श्री पोरमा बानरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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