जमशेदपुर : शहर के सैरात बाजारों में दुकानों का किराया बढ़ाए जाने के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जमशेदपुर मार्केट एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दुकानदारों ने उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और हेमंत सोरेन को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। व्यापारियों ने मांग की कि दुकानों का किराया बढ़ाने का फैसला वापस लिया जाए और फिलहाल बढ़े हुए किराए की वसूली पर रोक लगाई जाए।
व्यापारियों का कहना है कि नगर निकाय ने बिना किसी पूर्व सूचना या चर्चा के किराया बढ़ा दिया है। इससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
बिना सहमति किराया बढ़ाने का आरोप
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी नसीम अंसारी ने बताया कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) ने व्यापारियों और उनके प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना ही किराए में बढ़ोतरी लागू कर दी। इसके बाद बढ़े हुए किराए की वसूली भी शुरू कर दी गई है, जिसे व्यापारी अनुचित बता रहे हैं।
2022 में भी हुआ था विवाद
व्यापारियों ने बताया कि वर्ष 2022 में भी दुकानों के किराए में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय भी दुकानदारों ने इसका विरोध किया था। बाद में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद किराया बढ़ाने का निर्णय वापस ले लिया गया था।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
व्यापारियों ने कहा कि अगर बढ़े हुए किराए को वापस नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर दुकानदारों को राहत देने की मांग की है।

