जमशेदपुर : कदमा थाना क्षेत्र के कदमा बाजार स्थित टाटा स्टील के एक खाली क्वार्टर पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। आरोप है कि इस सरकारी क्वार्टर पर खुद कदमा थाना प्रभारी ने नेम प्लेट लगाकर कब्जा जमा लिया था।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्वार्टर कुछ दिनों से बंद था, लेकिन हाल ही में वहां थाना प्रभारी के नाम की नेम प्लेट लगने के बाद कब्जे की चर्चा शुरू हुई। मामले की जानकारी मिलते ही जुस्को (JUSCO) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंचकर क्वार्टर को खाली कराया।
बताया जा रहा है कि टीम ने जांच के बाद जबरन कब्जा हटाया और क्वार्टर को पुनः टाटा स्टील प्रबंधन के नियंत्रण में ले लिया। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इधर, जब मीडिया कर्मी घटना की कवरेज के लिए पहुंचे, तो आरोप है कि थाना प्रभारी के एक बॉडीगार्ड ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। पत्रकारों को मौके से हटाने की कोशिश की गई, जिससे प्रेस की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े हो गए।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विभाग पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जे हटाने की जिम्मेदारी होती है, यदि उसी विभाग के अधिकारी पर कब्जे का आरोप लगे, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता, पुलिस की जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता तीनों को कटघरे में खड़ा करता है।
फिलहाल, स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

