जमशेदपुर : पंचम राज्य वित्त आयोग, झारखंड की टीम ने पूर्वी सिंहभूम जिले का परिभ्रमण कर जिला परिषद, जेएसएलपीएस और मनरेगा के माध्यम से संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उपायुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, उप विकास आयुक्त सहित जिला स्तरीय पदाधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण व शहरी निकायों के विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान आयोग ने जेएसएलपीएस के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार, केसीसी और अन्य ऋण योजनाओं से लाभान्वित करने तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया। आयोग ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बाजार आधारित खेती, प्रशिक्षण और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई। आम की खेती के साथ इंटरक्रॉपिंग, बागवानी, पशुपालन, मशरूम, कुक्कुट पालन और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, साथ ही उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
जिला परिषद सभागार में आयोजित दूसरी बैठक में पंचायतों को अधिक संसाधन और अधिकार हस्तांतरित करने, पंचायत उन्नति सूचकांक में सुधार और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण पर चर्चा हुई। आयोग ने स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं—ग्राम पंचायत, प्रखंड और जिला परिषद—को आत्मनिर्भर बनाना ही मुख्य उद्देश्य है। विभागों को पंचायतों की भूमिका सुनिश्चित करने और नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया। पंचायत स्तर पर समितियों की नियमित बैठक और प्रभावी मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
जिला परिषद की आय बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, दुकानों का रेंट फिक्सेशन, क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन वसूली, बाजार हाट व सैरात की बंदोबस्ती और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण का प्रस्ताव रखा गया। वहीं सदस्यों ने मानदेय वृद्धि, लंबित फंड रिलीज, योजनाओं की स्वीकृति और डीएमएफटी फंड में भागीदारी की मांग भी उठाई।
बैठक में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, उपाध्यक्ष पंकज सहित जिला परिषद सदस्य और संबंधित विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

