जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने मिर्गी से पीड़ित मरीजों के निरंतर उपचार और सामाजिक सहयोग के उद्देश्य से ‘उल्लास मित्र अभियान’ की शुरुआत की है। इस मानवीय पहल के तहत उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी सहित कुल आठ पदाधिकारियों ने अपनी ओर से प्रति व्यक्ति तीन-तीन हजार रुपये का आर्थिक योगदान मिर्गी मरीजों की सहायता के लिए प्रदान किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मिर्गी से ग्रसित मरीजों को केवल दवा तक सीमित न रखते हुए, उन्हें सामाजिक संबल, पोषण सहयोग और नियमित उपचार के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकें।
उपायुक्त के निर्देश पर जिले में अब तक घाटशिला, पटमदा और शहरी क्षेत्र में आयोजित चार मिर्गी जांच शिविरों में कुल 1560 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 967 मरीजों में मिर्गी की पुष्टि हुई है। इन सभी मरीजों को नियमानुसार उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और वे सतत चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
जिला प्रशासन ने बताया कि उपचार के साथ-साथ मरीजों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ‘उल्लास मित्र अभियान’ के माध्यम से दवा, पोषाहार और अन्य आवश्यक जरूरतों में सहयोग किया जाएगा।
इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए आगामी 02 फरवरी 2026 को चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष मिर्गी जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस पहल से जुड़कर मिर्गी पीड़ितों के सहयोग की अपील की है।

