चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे बड़े नक्सल विरोधी अभियान में एक और नक्सली के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही इस ऑपरेशन में अब तक कुल 16 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। एक नक्सली आज शुक्रवार को मारा गया है। इसकी पहचान नहीं हो पाई है। मारे गए उग्रवादियों में 2.35 करोड़ रुपये का इनामी कुख्यात माओवादी पतिराम माझी उर्फ अनल दा भी शामिल है।
करीब 30 घंटे से लगातार चल रहे इस अभियान में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाल रखा है। शुक्रवार को मारे गए एक अन्य नक्सली की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने उसकी मौत की पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत गुरुवार सुबह 6:30 बजे से शुरू हुई मुठभेड़ में कोबरा 209 बटालियन, सीआरपीएफ की कई कंपनियां, झारखंड जगुआर और झारखंड पुलिस के करीब 1,500 जवान शामिल रहे। शुरुआती मुठभेड़ में अनल दा समेत 15 नक्सली ढेर किए गए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इनमें से 13 की पहचान कर ली गई है और बाकी की शिनाख्त जारी है।
सुरक्षाबलों के अनुसार, नक्सलियों ने पुलिस पार्टी को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसके जवाब में जवानों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। लंबे समय से सारंडा में सक्रिय अनल दा के दस्ते ने क्षेत्र में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था, इसलिए उसकी मौत को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
करीब 26 वर्षों से सारंडा जंगल में जमे माओवादी नेटवर्क को इस अभियान से गहरा झटका लगा है। पुलिस का कहना है कि अब इस इलाके में मिसिर बेसरा और आकाश समेत 60-70 उग्रवादी ही सक्रिय बचे हैं, जिन पर भी एक-एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
झारखंड पुलिस ने शेष उग्रवादियों से आत्मसमर्पण कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अभियान के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
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