Jamshedpur : बिष्टुपुर क्षेत्र की निवासी रेशमा परवीन ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टाटा स्टील के लैंड विभाग के अधिकारियों पर जान से मारने की धमकी देने और जबरन जमीन खाली कराने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
रेशमा परवीन ने अपने पत्र में कहा है कि उनके नाना वर्ष 1950 से पहले से प्लॉट संख्या 847 और 849 नंबर-2 पर निवास करते आ रहे थे। सरकारी खाता के अनुसार वर्ष 1961 से उक्त भूमि पर उनका परिवार रह रहा है। नाना के बाद उनके पिता मकबूल हसन, फिर माता-पिता और अब तीसरी पीढ़ी के रूप में वह स्वयं तथा उनके भाई का परिवार उसी जमीन पर रह रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में टाटा स्टील द्वारा उनके पिता पर बीपीएलई मुकदमा दायर किया गया था। उस समय रांची हाई कोर्ट ने तोड़फोड़ पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट के निर्देश पर निचली अदालत में सिविल मामला दायर किया गया, जो वर्तमान में जिला मुख्य न्यायाधीश की अदालत में लंबित है।
रेशमा परवीन का आरोप है कि नवंबर 2025 से टाटा स्टील के लैंड विभाग द्वारा उनकी जमीन की अवैध घेराबंदी की जा रही है। बिना किसी अदालती आदेश के उनके दो कमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसकी लिखित सूचना उन्होंने बिष्टुपुर थाना, एसएसपी जमशेदपुर, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम और अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम को दी थी।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 8 फरवरी 2026 को लैंड चीफ आनंद कुमार और बिष्टुपुर तहसीलदार राजीव शर्मा लगभग 50 लोगों के साथ सुबह 11 बजे उनके घर पहुंचे। वहां उन्हें धमकी देते हुए कहा गया कि घर तोड़ने का आदेश है। जब उन्होंने आदेश की प्रति दिखाने को कहा तो कथित रूप से कहा गया कि ऊपर से आदेश है और जगह खाली कर दो, अन्यथा पूरा परिवार मुसीबत में फंस जाएगा।
रेशमा परवीन का कहना है कि जब इस घटना की लिखित शिकायत थाना में देने की कोशिश की गई तो कागज लेने से मना कर दिया गया। अगले दिन एसएसपी कार्यालय में भी स्टेनो द्वारा आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2026 की सुबह करीब 10 बजे तहसीलदार राजीव शर्मा फिर उनके घर पहुंचे और जोर-जोर से चिल्लाते हुए घर खाली करने की चेतावनी दी। उस समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को भयभीत करने के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और धमकी दी गई कि यदि घर खाली नहीं किया गया तो अगले दिन से तोड़फोड़ शुरू कर दी जाएगी।
रेशमा परवीन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने, लंबित न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान सुनिश्चित करने तथा परिवार की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

