जमशेदपुर: टेल्को वर्कर्स यूनियन ने टाटा मोटर्स लिमिटेड प्रबंधन पर माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के स्पष्ट और बाध्यकारी आदेशों की अवहेलना करने का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि यूनियन सब्सक्रिप्शन (सदस्यता शुल्क) से जुड़े मामले में कोर्ट के निर्देशों के बावजूद प्रबंधन मनमानी कर रहा है।
यूनियन के अनुसार, झारखंड उच्च न्यायालय, रांची ने W.P.(C) संख्या 3322/2017 एवं 3628/2017 में 04 अगस्त 2017 को आदेश दिया था कि नई चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और फॉर्म-बी में पदाधिकारियों का विधिवत दर्ज होने तक टेल्को वर्कर्स यूनियन की मौजूदा संरचना में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। इस आदेश को बाद में डिवीजन बेंच ने LPA 455/2017 एवं 456/2017 में भी बरकरार रखा, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसे यथावत रखा है। अब तक इस आदेश पर कोई स्थगन या संशोधन नहीं हुआ है।
इसके बावजूद, यूनियन का आरोप है कि टाटा मोटर्स प्रबंधन टेल्को वर्कर्स यूनियन के सदस्यों से काटी जा रही सब्सक्रिप्शन राशि को टेल्को वर्कर्स यूनियन के बजाय टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन (रजिस्ट्रेशन संख्या 211) के खाते में जमा कर रहा है। यूनियन ने इसे न्यायालय के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना और अवमानना योग्य कृत्य बताया है।
यूनियन ने प्रबंधन से तत्काल इस प्रक्रिया को रोकने, न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों की लिखित जानकारी देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो यूनियन अवमानना याचिका सहित उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगी।
टेल्को वर्कर्स यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह सूचना यूनियन के सभी वैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए जारी की गई है।

