NEWS LAHAR REPORTER
आरा : बिहार के भोजपुर जिले में कथित भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। एक ओर पुलिस अधिकारियों और जवानों को धमकी भरे फोन कॉल और आपत्तिजनक संदेश मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। मामले की गूंज अब बिहार के साथ-साथ झारखंड में भी सुनाई दे रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले कई दिनों से भोजपुर जिले के विभिन्न थानों, डीएसपी कार्यालयों और वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल नंबरों पर लगातार कॉल किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन 400 से अधिक कॉल पुलिस अधिकारियों को प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें कई कॉल धमकी भरे हैं। इससे पुलिस प्रशासन की सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश कॉल उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किए जा रहे हैं। कई कॉल देर रात भी किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य पुलिसकर्मियों पर मानसिक दबाव बनाना बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर पुलिस और साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई है तथा संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और यूजर पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर, भारत तिवारी की मौत को लेकर जनदबाव लगातार बढ़ रहा है। भोजपुर के बिलौटी गांव स्थित प्राचीन कुंडवा शिव मंदिर परिसर में 36 बिरादरियों की महापंचायत बुलाने की तैयारी की जा रही है। आयोजकों का दावा है कि पंचायत में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी होगी।
महापंचायत के आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य भारत तिवारी प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को मजबूत करना है। इस प्रस्तावित पंचायत को लेकर पूरे भोजपुर जिले में चर्चाओं का दौर तेज है और इसे सामाजिक व राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक तरफ पुलिस को मिल रही लगातार धमकियां और दूसरी तरफ बढ़ता जनदबाव तथा महापंचायत की तैयारी ने भोजपुर का माहौल पूरी तरह संवेदनशील बना दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच की प्रगति और महापंचायत से निकलने वाले निर्णयों पर टिकी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार के साथ-साथ झारखंड के लोग भी नजर बनाए हुए हैं।

