जमशेदपुर : देहरादून में गोली मारकर जिस विक्रम शर्मा की हत्या की गई, वह वहां एक सफल कारोबारी के रूप में जाना जाता था। लेकिन स्थानीय लोगों को शायद ही इस बात की जानकारी रही हो कि विक्रम शर्मा झारखंड के जमशेदपुर में कभी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम था। देहरादून में वह स्टोन क्रशर और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा हुआ था और खुद को एक शांत व्यवसायी के रूप में पेश करता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्रम शर्मा का असली चेहरा बेहद खौफनाक था। जमशेदपुर में उसे जुर्म का बेताज बादशाह कहा जाता था। राजनीति, पुलिस और मीडिया के कुछ हिस्सों से उसकी नजदीकियां बताई जाती थीं, जिससे उसका नेटवर्क लगातार मजबूत होता चला गया। हाल ही के वर्षों में उसने मीडिया के क्षेत्र में भी कदम रखा था, जिससे उसका प्रभाव और बढ़ा।
अखिलेश सिंह का गुरु और अंडरवर्ल्ड की जुगलबंदी
विक्रम शर्मा को जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था। दोनों ने मिलकर लौह नगरी में अपराध का ग्राफ काफी ऊपर पहुंचा दिया था। शहर के नामचीन कारोबारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों पर हुए हमलों और हत्याओं में इन दोनों के नाम सामने आए थे।
### आशीष डे हत्याकांड और फरारी की कहानी
2 नवंबर 2007 को जमशेदपुर के साकची इलाके में श्री लेदर ग्रुप के मालिक आशीष डे की हत्या ने शहर को दहला दिया था। इस हत्याकांड में विक्रम शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगा। घटना के बाद वह फरार हो गया और जमशेदपुर छोड़कर देहरादून को अपना नया अड्डा बना लिया। करीब दस साल बाद उसकी गिरफ्तारी देहरादून से हुई। जेल में तीन साल बिताने के बाद उसे हाई कोर्ट से जमानत मिली।
कोर्ट से बरी, लेकिन साया नहीं हटा
आशीष डे हत्याकांड में 9 जून 2022 को कोर्ट ने विक्रम शर्मा को बरी कर दिया। इस मामले में आशीष डे की पत्नी समेत छह लोगों की गवाही हुई थी। हालांकि अमलेश सिंह, विनोद सिंह और पप्पू डान सहित अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बाद में अमलेश सिंह और विनोद सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई।
जयराम सिंह हत्याकांड में भी नाम
विक्रम शर्मा का नाम टाटा स्टील के पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी जयराम सिंह की हत्या में भी सामने आया था। 4 अक्टूबर 2008 को साकची के बागे जमशेद के पास जयराम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अखिलेश सिंह के साथ विक्रम शर्मा को भी आरोपी बनाया था।
विक्रम शर्मा से जुड़ी प्रमुख आपराधिक घटनाएं
* 2 नवंबर 2007: साकची के आम बागान के पास श्री लेदर के मालिक आशीष डे की हत्या
* 15 मार्च 2008: साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग
* 20 मार्च 2008: साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
* 16 मई 2008: साकची में श्री लेदर मालिक के घर पर फायरिंग
* 25 जुलाई 2008: बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्टू झा के कार्यालय पर फायरिंग
* 17 अगस्त 2008: बर्मामाइंस में सत्येंद्र सिंह की ससुराल पर फायरिंग
* 28 अगस्त 2008: साकची में ठेकेदार रणजीत सिंह पर फायरिंग
* 17 सितंबर 2008: एमजीएम अस्पताल मोड़ पर परमजीत सिंह पर फायरिंग
* 4 अक्टूबर 2008: बागे जमशेद के पास जयराम सिंह की हत्या
* 2008: बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या
देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या के बाद एक बार फिर झारखंड और जमशेदपुर के पुराने अंडरवर्ल्ड किस्से चर्चा में हैं। पुलिस इस हत्याकांड की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह पुरानी रंजिश का नतीजा है या किसी नए गिरोह की साजिश।

