जमशेदपुर : जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में वार्ड पुनर्गठन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्डों की संख्या 14 से बढ़ाकर 22 किए जाने की प्रक्रिया पर स्थानीय निवासियों ने आपत्ति जताई है। पूर्व सैनिक सत्येन्द्र सिंह के नेतृत्व में वार्ड संख्या 16 के निवासियों ने उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि चुनाव पुनरीक्षण अधिकारी सह अंचलाधिकारी, जमशेदपुर और उनकी टीम ने बिना भौतिक सत्यापन के मनमाने ढंग से वार्डों का गठन कर दिया। नए परिसीमन के तहत 22 वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें 9 महिला, 1 पिछड़ा वर्ग, 11 अनुसूचित जाति और 5 अनारक्षित श्रेणियां तय की गई हैं।
निवासियों का कहना है कि वार्ड संख्या 16 (पूर्व वार्ड संख्या 10) में कुल 2229 मतदाता हैं, जबकि अनुसूचित जाति के रजक समाज के लगभग 280 मतदाता ही हैं। इसके बावजूद इस वार्ड को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष है। उनका सवाल है कि आरक्षण का आधार क्या है और किस मानक के तहत यह निर्णय लिया गया।
सत्येन्द्र सिंह ने मांग की है कि अंचलाधिकारी और उनकी टीम द्वारा किए गए परिसीमन की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि आरक्षण और वार्ड गठन किन नियमों के तहत हुआ। आवेदन के साथ आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम और कार्यपालक अधिकारी, जुगसलाई नगर परिषद को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में पारदर्शिता बरतते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।

