NEWS LAHAR REPORTER
आनंदपुर में करम पूर्व संध्या महोत्सव का भव्य आयोजन, विभिन्न गांवों की महिलाओं ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
मनोहरपुर। कुँड़ुख सरना जागरण मंच, मनोहरपुर-आनंदपुर प्रखंड के तत्वावधान में शुक्रवार को आनंदपुर डाक बंगला स्कूल मैदान में करम पूर्व संध्या महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मनोहरपुर विधायक जगत माझी शामिल हुए। समारोह स्थल पर पहुंचने पर पारंपरिक करम नृत्य और मांदर की थाप के साथ उनका स्वागत किया गया। विधायक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद विभिन्न गांवों से पहुंची महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक करम नृत्य प्रस्तुत कर पूरे परिसर को उत्सवी रंग में रंग दिया। मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों से माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में सराबोर रहा।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेश
मौके पर विधायक जगत माझी ने सभी लोगों को करम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “करम पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, एकता और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।”
उन्होंने कहा कि कुड़ुख सरना समाज में अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम और एकजुटता सराहनीय है। समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से भी होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।
मेधावी छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विधायक ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षा समाज के भविष्य को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
दर्जनों गांवों से पहुंचे ग्रामीण
करम पूर्व संध्या महोत्सव में गुड़गांव, बोड़ता, सतवमडी, कोलेडा, झारबेड़ा, खुदीपोस, बेड़ाकुंदेदा, पोटका विजाटोली, सिरका, प्रधानपल्ली और चिलीगादिरी सहित दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।
इस अवसर पर सरना प्रार्थना सभा ओडिशा के अध्यक्ष मनीलाल केरकेट्टा, राजी पड़हा प्रार्थना सभा रांची के अध्यक्ष रवि तिग्गा, मनोहरपुर प्रखंड उप प्रमुख दीपक एक्का, बोदे खलखो, रोबी लकड़ा, बंधना उरांव, राम कच्छप, भीमसेन तिग्गा, किशोर खलखो, सुकरा तिर्की, सिलबीरयुस तिर्की, सोमरा लकड़ा, मनीष तिग्गा, अजय कच्छप, सुनील केरकेट्टा और संजीत कच्छप समेत सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। महोत्सव ने सामुदायिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया।

