News Lahar Reporter
जमशेदपुर: जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित छायानगर में फायरिंग और चापड़बाजी की घटना में घायल युवक सन्नी की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद गुरुवार को इलाके में जबरदस्त तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजन और स्थानीय बस्तीवासी सन्नी का शव लेकर सीधे उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंच गए और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने डीसी कार्यालय के मुख्य पोर्टिको और बरामदे में शव रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक और उग्र दोनों रहा—महिलाएं रोती-बिलखती नजर आईं, जबकि युवाओं और पुरुषों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब मौके पर मौजूद सीमित पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सका। आक्रोशित लोगों ने पुलिस का घेरा तोड़ते हुए डीसी कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचकर रास्ता जाम कर दिया। बताया जा रहा है कि उस वक्त उपायुक्त कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिससे हालात को संभालने में अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इधर, मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल की ओर से इलाज में लापरवाही बरती गई और संवेदनहीन रवैया अपनाया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही 50 हजार रुपये जमा किए थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा करीब साढ़े चार लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था। पैसे नहीं दे पाने की स्थिति में इलाज की रफ्तार धीमी कर दी गई, जिससे सन्नी की मौत हो गई।
घटना से नाराज बस्तीवासियों ने मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समाचार लिखे जाने तक मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।

