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संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती महाराज बोले—नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार और भारतीय परंपराओं से जोड़ना जरूरी
जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में चल रहे तीन दिवसीय श्री गो-कृपा कथा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत गौ-पूजन के साथ हुआ। शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के श्रीमुख से गौ-महिमा, गौ-सेवा और सनातन संस्कृति से जुड़े प्रसंगों का श्रवण किया। तीन दिवसीय महोत्सव 18 से 20 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
कथा के दौरान संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने वर्तमान पीढ़ी और शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, संस्कार, गौवंश और भारतीय परंपराओं की जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ना परिवार और समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने गौ-महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “गौ पशु नहीं, संपूर्ण ब्रह्मांड और तैंतीस कोटि देवी-देवताओं की अधिष्ठान शक्ति है।” उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ-सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने तथा आने वाली पीढ़ी को भी सेवा एवं करुणा की भावना से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा को भारतीय परंपरा में विशेष महत्व दिया गया है।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
दूसरे दिन की कथा में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, पूर्व झारखंड स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गोविंद डोडराजका, रमेश अग्रवाल, दिलीप तुलस्यान, राजेश पसारी, प्रेमलता अग्रवाल, राजकुमार साह, सीताराम अग्रवाल, चंद्रकांत झटाकिया, किशन अग्रवाल, बिमल गुप्ता, दीनदयाल कौंटिया, मनोज गोयल, दिलीप कौंटिया, दिलीप गोयल, शिवशंकर सिंह, बिमल मुरारका सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।
आयोजन समिति ने संभाली व्यवस्था
महोत्सव को सफल बनाने में पुरुष एवं महिला आयोजन समितियों के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुरुष आयोजन समिति में राजकुमार अग्रवाल, सुमित्र साह, विजय आनंद मूनका, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, अश्विनी कुमार अग्रवाल, मंटू लाल अग्रवाल, नवनीत चौधरी, मयूर सांघी, महेश भाऊका, अंशुल रिंगासिया, प्रतीक अग्रवाल सीए, ऋषि जालान, राजेश पसारी, राहुल चौधरी, संजय शर्मा, केशव गोयल, अमन गोयल, दीपक चेतानी, ओमप्रकाश मूनका, विकास गर्ग, निर्मल पटवारी, हर्ष मूनका चेरी, ऋषभ अग्रवाल कान्हा, ललित डांगा, बजरंग लाल अग्रवाल, प्रकाश बजाज, बबलू अग्रवाल मिनी, आदर्श शर्मा एवं प्रतीक कुमार सहित अन्य सदस्य सक्रिय रहे।
वहीं महिला आयोजन समिति की ओर से नूपुर तुलस्यान, अंजू चेतानी, स्मिता मूनका, मंजू कावड़िया, श्रद्धा रिंगासिया, संतोष अग्रवाल, कुसुम अग्रवाल, राजदुलारी झंझरिया, निशा अग्रवाल, पलक अग्रवाल, बबीता मूनका, अनीता अग्रवाल, नीतू हरनाथका, श्यामा कौंटिया, पूजा हरनाथका, सबिता सोनथालिया, सीमा जावनपुरिया, कविता अग्रवाल, मनीषा सांघी, सविता गर्ग, पायल अग्रवाल, सुनीता केडिया, संजना अग्रवाल, सुशीला सांघी, अर्चना अग्रवाल, प्रीति गोयल, नेहा चौधरी, मेघा चौधरी, सपना भौका, उषा चौधरी, संगीता मित्तल, सबिता मुरारका, दिव्या बाकड़वाल एवं सीमा अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाओं में योगदान दिया।
श्री राणी सती सत्संग समिति ने किया प्रसाद वितरण
कथा के समापन पर गौ-माता की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद वितरण की सेवा श्री राणी सती सत्संग समिति की ओर से की गई। समिति के अध्यक्ष अनिल रिंगासिया के साथ अजय रामुका, कमल अग्रवाल, मनोज शर्मा, मुकेश सिंघोड़िया, निर्मल पटवारी, बिमलेश अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने सेवा दी।
20 सितंबर को होगा महोत्सव का अंतिम दिन
आयोजकों के अनुसार महोत्सव का अंतिम दिन 20 सितंबर को शाम 4 बजे से 7 बजे तक कुसुम कमानी ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर में आयोजित होगा। इस दौरान संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज गौ-महिमा, सेवा, संस्कार और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण कराएंगे।
आयोजकों ने शहरवासियों से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर कथा का श्रवण करने और गौ-सेवा एवं जीव दया के संदेश से जुड़ने की अपील की है।

