NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर: नो-एंट्री खुलने के बाद भारी वाहनों का दबाव बढ़ते ही शनिवार को मानगो और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मानगो बड़े पुल पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और देखते ही देखते कई प्रमुख सड़कें जाम की चपेट में आ गईं।
डिमना रोड से मानगो चौक, गांधी मैदान से मानगो चौक, ओल्ड पुरुलिया रोड से मानगो चौक और मानगो पुल पर वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी हो गई। कई जगह वाहन चालक काफी देर तक एक ही स्थान पर फंसे रहे।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह रही कि मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई। आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भी यातायात बाधित होने का खामियाजा भुगतना पड़ा।

पुराने एमजीएम अस्पताल के सामने से लेकर मानगो पुल तक वाहनों की लंबी कतार देखी गई। वहीं, मानगो गोलचक्कर से साकची की ओर जाने वाले पुल पर भी यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। मुख्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार इतनी धीमी हो गई कि कई स्थानों पर आवाजाही लगभग ठप जैसी स्थिति में पहुंच गई।
जाम में फंसे दोपहिया वाहन चालक जल्द निकलने के लिए फुटपाथ और डिवाइडर के बीच से रास्ता बनाने की कोशिश करते नजर आए। इससे यातायात व्यवस्था और अधिक अव्यवस्थित होती दिखाई दी।
मानगो पुल पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगातार वाहनों को कतारबद्ध करने और यातायात को सुचारू कराने में जुटे रहे। हालांकि, नो-एंट्री खुलने के बाद भारी वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण जाम को नियंत्रित करने में काफी समय लगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नो-एंट्री खुलने के समय भारी वाहनों का एक साथ प्रवेश होने से मानगो क्षेत्र में अक्सर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में यातायात प्रबंधन को लेकर प्रभावी व्यवस्था किए जाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी न हो।
नो-एंट्री खुलते ही मानगो में भारी वाहनों से भीषण जाम लगा, कई एंबुलेंस फंसीं और मुख्य सड़कों पर यातायात घंटों प्रभावित रहा।
