जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से 13 जनवरी को अगवा किए गए युवा उद्यमी कैरव गांधी को अपहरणकर्ताओं ने बिहार के गया जिले में ले जाकर एक घर में बंधक बनाकर रखा था। पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की लगातार छापेमारी और दबाव के बाद अपहरणकर्ताओं को कैरव को छोड़कर भागना पड़ा। मामले में अब तक छह बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक गांव में कैरव को कैद कर रखा गया था। जमशेदपुर पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से कई स्थानों पर दबिश दी। इसी बीच सूचना मिली कि अपहरणकर्ता कैरव को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। पुलिस की सख्ती देख अपराधियों ने 26 जनवरी की रात हजारीबाग के पास जीटी रोड पर चौपारण और बरही के बीच कैरव को छोड़ दिया और फरार हो गए। 27 जनवरी को उन्हें सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया।
छह आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इनमें
* गुड्डू सिंह (नालंदा)
* उपेंद्र सिंह (गया)
* अर्जुन सिंह (गया)
* इमरान आलम उर्फ आमिर (नालंदा)
* रमीज राजा (नालंदा)
* मोहन प्रसाद (पटना) शामिल हैं।
घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली गई है।
स्थानीय नेटवर्क की भी जांच
एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि इस कांड में स्थानीय अपराधियों का भी एक नेटवर्क सक्रिय था, जिसने कैरव की रेकी कर बिहार के गैंग को सूचना दी थी। पुलिस इन स्थानीय मददगारों की पहचान कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
पिस्तौल बरामदगी के दौरान मुठभेड़
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपहरण के दौरान पिस्तौल दिखाकर कैरव को जबरन गाड़ी में बैठाया गया था। चेकिंग के डर से साईं मंदिर के पास झाड़ियों में हथियार छिपा दिया गया था। जब पुलिस आरोपियों को हथियार बरामदगी के लिए मौके पर ले गई, तभी एक बदमाश ने सिपाही की कार्बाइन छीनकर पुलिस पर फायरिंग कर दी।
अपराधियों ने पुलिस पर छह गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने पांच राउंड फायरिंग की, जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायलों का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।
सुरक्षित बरामदगी पुलिस की बड़ी सफलता
पुलिस का कहना है कि कैरव की सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, जिसे एसआईटी की रणनीति और लगातार दबिश के जरिए संभव बनाया गया।

