जमशेदपुर :
कैरव गांधी अपहरण कांड में जमशेदपुर पुलिस ने सूझबूझ, धैर्य और सटीक रणनीति का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बरही में घेराबंदी कर उस समय तीन अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया, जब वे कैरव गांधी को एक ठिकाने से दूसरे ठिकाने पर शिफ्ट कर रहे थे। इस कार्रवाई में घटना में इस्तेमाल की गई कार और हथियार भी बरामद किए गए। कैरव को पूरी तरह सुरक्षित मुक्त करा लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपहर्ताओं के ठिकाने की भनक 24 जनवरी को ही लग गई थी। लेकिन सीधे छापेमारी करने से अपहृत की जान को खतरा हो सकता था। इसे देखते हुए पुलिस ने जल्दबाजी नहीं दिखाई और रणनीतिक तरीके से निगरानी बढ़ा दी।
सादे लिबास में विशेष टीमों को तैनात कर संदिग्धों की गतिविधियों, संपर्कों, वाहनों और मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि अपहर्ता कैरव को दूसरे स्थान पर ले जाने की तैयारी में हैं।
जैसे ही संदिग्ध कार सड़क पर निकली, पहले से घात लगाए पुलिसकर्मियों ने चारों ओर से घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। कुछ ही मिनटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान कैरव गांधी सुरक्षित अवस्था में मिले। पूरे ऑपरेशन के दौरान उन्होंने भी संयम बनाए रखा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन की पहली प्राथमिकता अपहृत की सुरक्षा थी। इसलिए ठिकाने पर दबिश देने के बजाय शिफ्टिंग के दौरान कार्रवाई को सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया, जो सफल साबित हुआ।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड का खुलासा होगा। साथ ही अपहरण की साजिश कहां और कैसे रची गई, इसकी भी जांच तेज कर दी गई है।
कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी से परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं जमशेदपुर पुलिस की पेशेवर कार्रवाई की शहरभर में सराहना हो रही है।

