NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर : शहर के भालूबासा चौक पर गुरुवार को जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान जेएनएसी की टीम ने छह दुकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद स्थानीय दुकानदारों और क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाकर की गई है।
दुकानदारों का कहना है कि भालूबासा चौक पर कई अन्य दुकानें भी कथित रूप से अवैध रूप से संचालित हो रही हैं, लेकिन जेएनएसी ने केवल छह दुकानों पर ही कार्रवाई की। इससे लोगों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इन दुकानों को ही क्यों चुना गया।
कार्रवाई की जद में आए दुकानदारों में संजय साव की दुकान भी शामिल है। संजय साव ने बताया कि उन्हें जेएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार की ओर से दो बार नोटिस भेजा गया था। नोटिस मिलने के बाद वह कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्हें बताया गया कि दुकान के पीछे की जमीन के स्वामित्व को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है।
संजय साव का कहना है कि वह पिछले करीब 50 वर्षों से उसी स्थान पर दुकान चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि प्रशासन को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी जेएनएसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है तो भालूबासा चौक के सभी दुकानदारों से भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। जिनके पास वैध कागजात नहीं हैं, उनके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि विवादित मामलों में पहले न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए थी और अदालत के आदेश के बाद ही तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।

