NEWS LAHAR REPORTER
घाटशिला:- घाटशिला महाविद्यालय में विभिन्न विषयों की सीटों में कटौती के विरोध में छात्र-छात्राओं द्वारा 5 अगस्त से चल रहे धरना-प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल को गुरुवार, 6 अगस्त को झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ ने अपना समर्थन दिया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों को समर्थन पत्र सौंपने के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य आर.के. चौधरी से मुलाकात कर मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष संजय बेहरा ने कहा कि पहले विद्यालयों को विलय के नाम पर बंद किया गया और अब सरकारी महाविद्यालयों को कमजोर कर निजी महाविद्यालयों को बढ़ावा देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर पूंजीपतियों की नजर है और इसे उद्योग की तरह संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।
संघ के केंद्रीय प्रवक्ता रामचन्द्र सोरेन ने आरोप लगाया कि पूरे झारखंड में सरकारी महाविद्यालयों की सीटें घटाकर निजी शिक्षण संस्थानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
जिला अध्यक्ष आनन्द हेम्ब्रम ने कहा कि घाटशिला अनुमंडल का यह एकमात्र सरकारी महाविद्यालय है, जहां दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए नामांकन करते हैं। ऐसे में विषयवार सीटों में कटौती से हजारों विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की।
आनन्द हेम्ब्रम ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर सीट कटौती के मामले में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ के पदाधिकारी भी छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय सचिव सुनील माद्री, जिला अध्यक्ष आनन्द हेम्ब्रम, रवि मुखी सहित संघ के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

