जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस एरिया के व्यवसायी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 13 दिनों तक अपहरणकर्ताओं के कब्जे में रहने के बाद कैरव को सकुशल बरामद कर लिया गया है। अब पुलिस का पूरा फोकस आरोपियों की गिरफ्तारी पर है और झारखंड के साथ-साथ ओडिशा, बंगाल और बिहार में लगातार छापेमारी की जा रही है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि अपहरणकर्ताओं की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। कैरव से पूछताछ कर मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस गैंग ने इस घटना को अंजाम दिया।
एसएसपी के अनुसार, 13 जनवरी को कदमा-सोनारी लिंक रोड पर कैरव गांधी की कार को पुलिस स्टीकर लगी एक गाड़ी ने रोका। अपहरणकर्ताओं ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया। कैरव को लगा कि यह पुलिस वाहन है, लेकिन वह अपहरणकर्ताओं का जाल निकला। इसके बाद बदमाश उन्हें अपने साथ ले गए, जबकि उनकी कार को कांदरबेड़ा के पास छोड़ दिया गया। वहीं से कार और मोबाइल बरामद किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से फिरौती मांगी थी, लेकिन परिवार ने कोई रकम नहीं दी। पुलिस की लगातार छापेमारी और दबाव के कारण बदमाश कैरव को ज्यादा देर तक अपने पास नहीं रख सके। सोमवार को सूचना मिली थी कि अपहरणकर्ता उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर सकते हैं। इसी दौरान पुलिस पीछा करती रही, जिससे घबराकर अपराधियों ने हजारीबाग के पास चौपारण-बरही खंड के जीटी रोड पर कैरव को छोड़ दिया और फरार हो गए।
एसएसपी ने बताया कि बेटे की हालत को देखते हुए पिता देवांग गांधी के अनुरोध पर उसे सीधे घर पहुंचाया गया, थाने नहीं लाया गया। फिलहाल पुलिस अपहरणकर्ताओं की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चला रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

