NEWS LAHAR REPORTER
प्रधान सचिव मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पर विधिसम्मत कार्रवाई करें : सरयू राय
करोड़ों की निविदाएं रद्द करने से लेकर पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा तक पर उठाए सवाल
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान अपर नगर आयुक्त के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है। सरयू राय ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और सूडा निदेशक से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी तथा उन्हें लिखित पत्र भी सौंपा। प्रधान सचिव ने विधायक को अपर नगर आयुक्त से जवाब तलब करने का आश्वासन दिया।
सरयू राय ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मानगो नगर निगम में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने पूर्व में प्रकाशित और प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी निविदाओं को रद्द करने तथा नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद भी पुरानी दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा निकालने पर विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया है।
3.58 करोड़ की छह निविदाएं रद्द करने पर सवाल
सरयू राय के अनुसार, निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/01/2026-27, दिनांक 13 अप्रैल 2026 के माध्यम से तत्कालीन उप नगर आयुक्त ने छह योजनाओं के लिए निविदा प्रकाशित की थी। इन योजनाओं की कुल लागत 3 करोड़ 58 लाख 17 हजार 400 रुपये थी। उनका कहना है कि निविदाएं खोली जा चुकी थीं, तुलनात्मक वित्तीय विवरणी तैयार हो गई थी और योजनाओं के निष्पादन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी। इन योजनाओं को विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति भी प्राप्त थी।
विधायक का आरोप है कि इसके बावजूद वर्तमान अपर नगर आयुक्त ने इन निविदाओं का निष्पादन करने के बजाय उन्हें रद्द कर दिया। उनके अनुसार इससे आवश्यक विकास योजनाओं का क्रियान्वयन लंबित हो गया।
22 योजनाओं वाली निविदाओं को रद्द करने पर भी सवाल
सरयू राय ने UDHD/MMC/04/2025-26 दिनांक 27 सितंबर 2025 और UDHD/MMC/11/2025-26 दिनांक 15 जनवरी 2026 की निविदाओं को रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया है। उनके अनुसार इन दोनों निविदाओं में कुल 2 करोड़ 6 लाख 90 हजार 540 रुपये की 22 योजनाएं शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि इन निविदाओं को खोला जा चुका था, संवेदकों का चयन हो गया था और कार्यादेश जारी होने के बाद उनसे अग्रधन भी जमा करा लिया गया था। सरयू राय के अनुसार, जिन चयनित संवेदकों ने काम शुरू नहीं किया था, उन्हें नियमानुसार तीन सूचनाएं देकर इसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए थी। इसके बजाय पूरी निविदा प्रक्रिया ही रद्द कर दी गई।
पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा
विधायक ने नई और पुरानी निर्धारित दर-सूची को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार द्वारा नई निर्धारित दर-सूची जारी किए जाने के बावजूद मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त कार्यालय से पुरानी दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित की गई।
इन योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि 5 करोड़ 58 लाख 5 हजार 870 रुपये बताई गई है। सरयू राय का कहना है कि नई दर-सूची जारी होने के बाद पुरानी दर-सूची पर योजनाओं की निविदा करना उचित नहीं है। इसी मुद्दे पर उन्होंने निविदा रद्द कर नई दरों के आधार पर पुनः निविदा निकालने की मांग भी की है।
विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव का आरोप
सरयू राय ने मानगो नगर निगम में विकास योजनाओं के चयन पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर नगर आयुक्त बाहरी दबाव में काम कर रहे हैं और विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते वह निगम बोर्ड के पदेन सदस्य हैं। इसके बावजूद 55 योजनाओं के लिए प्रकाशित निविदा में उनके कार्यालय की ओर से भेजी गई एक भी योजना शामिल नहीं की गई। सरयू राय ने इसे राजनीतिक दबाव में किया जा रहा भेदभावपूर्ण आचरण बताया है। यह आरोप विधायक का है; उपलब्ध रिपोर्टों में निगम की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बोर्ड बैठक को लेकर भी उठाए सवाल
सरयू राय ने नगर निगम बोर्ड की बैठकों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह होनी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक 18 अगस्त 2026 को चार महीने के अंतराल के बाद हुई थी।
उनके अनुसार पिछली बैठक के बाद एक माह बीत जाने के बावजूद अगली बैठक बुलाने की सूचना नहीं दी गई है। साथ ही पिछली बैठक की कार्यवाही भी बोर्ड सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमानुसार बैठक से 72 घंटे पूर्व कार्यसूची सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक में उन्हें कार्यसूची उपलब्ध नहीं कराई गई और अन्य सदस्यों को केवल विचारणीय बिंदुओं की सूची भेजी गई।
अधिकारियों की पदस्थापना पर भी सवाल
सरयू राय ने मानगो नगर निगम में अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पत्र में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विजय कुमार वर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपर नगर आयुक्त से वरीय होने के बावजूद उनके अधीन उप नगर आयुक्त के पद पर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने इसे पदस्थापना से जुड़ी विसंगति बताते हुए कहा कि वरीय अधिकारी का कनीय अधिकारी के अधीन कनीय पद पर काम करना असामान्य स्थिति है। इस मामले में उन्होंने सरकार से अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेने का आग्रह किया है।
प्रधान सचिव से कार्रवाई की मांग
सरयू राय ने प्रधान सचिव से अपने पत्र में उठाए गए पहले पांच बिंदुओं के आधार पर मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वहीं, पदस्थापना संबंधी छठे बिंदु पर सरकार से उचित निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

