रामगढ़ : जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुकरीगढ़ा गांव में सोमवार रात सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया, जिसमें कई जवान घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण गाजे-बाजे और डीजे के साथ प्रतिमा जुलूस निकालकर देवी मंडा के पास पहुंचे थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने डीजे बंद कर जल्द विसर्जन करने का अनुरोध किया। लेकिन कुछ लोग डीजे बंद करने को तैयार नहीं हुए, जिससे विवाद बढ़ गया।
स्थिति बिगड़ते ही रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। इस हमले में रजरप्पा थाना के कॉन्स्टेबल सह अंगरक्षक फूलचंद महतो के सिर में गंभीर चोट आई। वहीं एसआई रंजीत महतो, मो. इकबाल, चालक हवलदार रोहित कुमार सिंह और पुलिस सहयोगी रूपेश महतो समेत कई अन्य जवान जख्मी हो गए।
पुलिस ने संभाली कमान, चलाया सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद और थाना प्रभारी कृष्ण कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से डीजे साउंड सिस्टम, पांच मोटरसाइकिल और एक टेम्पू जब्त किया गया।
42 नामजद और 150 अज्ञात पर मामला दर्ज
पुलिस ने 42 नामजद समेत करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
10 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
कार्रवाई के तहत अक्षय कुमार सोनी, नारायण साव, विशाल वर्मा, सुजीत कुमार, संतोष कुमार, अजय कुमार, प्रीतम कुमार, उत्तम कुमार, पिंकू प्रसाद और हीरालाल मुंडा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सभी पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है।
फिलहाल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

