NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर: झारखंड आंदोलनकारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष शहीद निर्मल महतो का शनिवार को शहादत दिवस मनाया गया। जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कदमा के उलियान स्थित उनके समाधि स्थल पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जेएमएम नेता, कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 8 अगस्त को उलियान में शहीद निर्मल महतो की शहादत को याद किया गया। 8 अगस्त 1987 को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित चमरिया गेस्ट हाउस के बाहर अपराधियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। उस समय उनकी उम्र महज 37 वर्ष थी। निर्मल महतो कदमा के उलियान के रहने वाले थे और लोग उन्हें स्नेह से ‘निर्मल दा’ कहकर पुकारते थे।
निर्मल महतो की हत्या को झारखंड आंदोलन से जुड़ी एक बड़ी राजनीतिक घटना के रूप में देखा गया। उनकी शहादत के बाद अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को और मजबूती मिली तथा आंदोलन ने नई ऊर्जा हासिल की। उनकी हत्या की जांच का जिम्मा बाद में सीबीआई को सौंपा गया था।
शहादत दिवस के अवसर पर जेएमएम के विधायक, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं ने निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके बताए रास्ते पर चलने तथा झारखंड के विकास और जनहित के लिए काम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा कि शहीद निर्मल महतो का सपना सिर्फ अलग झारखंड राज्य बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा झारखंड बनाना था जहां गांव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बुनियादी जरूरतें पूरी करना बड़ी चुनौती है। इन जरूरतों को पूरा कर ही निर्मल महतो के सपनों का झारखंड बनाया जा सकता है।

