नई दिल्ली/झारखंड: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के अवसर पर बजट 2026-27 पेश करते हुए स्वास्थ्य, अवसंरचना, उद्योग, रोजगार, पर्यटन और तकनीक को प्राथमिकता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में सरकार ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं, जिससे देश की विकास दर सात प्रतिशत तक पहुंची है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आम लोगों को राहत देते हुए कैंसर और डायबिटीज से जुड़ी 17 जरूरी दवाओं को सस्ता करने का फैसला लिया गया है। किफायती दवाओं और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए बायो फार्मा शक्ति योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तीन नए राष्ट्रीय बायो फार्मा संस्थान खोले जाएंगे, जबकि सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को भी मजबूत किया जाएगा।
उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में सेमी कंडक्टर मिशन को विस्तार देते हुए 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
खनन और संसाधन आत्मनिर्भरता की दिशा में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी।
परिवहन क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट शामिल हैं। इसके अलावा पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू होंगे और वाराणसी व पटना में जहाज मरम्मत केंद्र बनाए जाएंगे।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जहां आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक, पोस्ट केयर और रीहैब सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
शिक्षा और रोजगार को जोड़ने के लिए सेवा क्षेत्र को मजबूत किया जाएगा और एआई सहित नई तकनीकों के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। आयुर्वेद को बढ़ावा देते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना, 20 प्रमुख स्थलों पर 10 हजार गाइड्स का कौशल विकास और डिजिटल नॉलेज ग्रिड तैयार किया जाएगा। हिमालयी राज्यों में ट्रैकिंग और हाइकिंग ट्रेल्स तथा तटीय राज्यों में टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। धोलावीरा सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा।
खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया मिशन के तहत अगले दस वर्षों में प्रशिक्षण केंद्र, कोचिंग और प्रतियोगिताओं के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
टैक्स मोर्चे पर इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए टीसीएस दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। अब 31 मार्च तक कम फीस के साथ संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा, जबकि रिटर्न की अंतिम तिथि 31 जुलाई रहेगी।
सरकार का कहना है कि यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य, युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और एमएसएमई को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जिसका असर झारखंड समेत पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

