रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन शुक्रवार को सदन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा जोर-शोर से उठा। हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करते हुए सरकार से पूछा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए क्या पहल की जा रही है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि यह मामला इंडियन बार काउंसिल से जुड़ा हुआ है और इस पर विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। फिलहाल इस संबंध में सरकार ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन अधिवक्ताओं के कल्याण और सुरक्षा के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
सदन में विधायक सीपी सिंह ने भी सरकार से सवाल किया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट कब तक लागू किया जाएगा। इसके जवाब में मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
वहीं झारखंड विधानसभा के बाहर सत्ता पक्ष के विधायकों ने एलपीजी की किल्लत और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में शामिल मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण देश की जनता आज गंभीर संकट का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी की कमी का असर आम लोगों के किचन तक पहुंच चुका है और कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। मंत्री ने केंद्र सरकार से एलपीजी की आपूर्ति सामान्य करने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने की मांग की।

