जमशेदपुर: जमशेदपुर के बारीडीह 10 नंबर ज़ोन में आदिवासी भूमिज समाज की जमीन को लेकर बड़ा हंगामा हुआ है। मामला खाता नंबर 17, प्लॉट नंबर 4097 से जुड़ा है, जिसके मूल खाता धारक व मालिक स्वर्गीय मोहन भूमिज बताए जा रहे हैं।
इस जमीन को लेकर आज भूमिज समाज के लोगों ने बारीडीह 10 नंबर ज़ोन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और साफ कहा कि यह आदिवासी भूमिज समाज की जमीन है। इस पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने सीएनटी एक्ट के तहत जमीन को आदिवासी भूमि बताते हुए स्थल पर बोर्ड भी लगाया।
भूमिज समाज का कहना है कि यह जमीन वर्षों से उनके समाज की रही है। वर्ष 2017 में पाल बाबू ने इसे खरीदा था। बाद में इसमें उन्होंने बाउंड्री करा दी थी। लंबे समय तक बाउंड्री रहने के बावजूद किसी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया था। अब पेसा कानून लागू होने के फौरन बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाना शक पैदा करता है।
वहीं, जमीन के वर्तमान दावेदार पाल बाबू का कहना है कि उनके पास जमीन से जुड़े सभी वैध कागजात मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी भूमिज समाज इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वे सभी दस्तावेज न्यायालय के समक्ष रखने को तैयार हैं।
दूसरी ओर आदिवासी भूमिज समाज ने पाल बाबू पर फर्जी कागजात के जरिए जमीन अधिग्रहण का प्रयास करने का आरोप लगाया है। समाज का कहना है कि पेसा कानून लागू होने के बाद आदिवासी भूमि की खरीद-बिक्री और निर्माण पर सख्त प्रावधान हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू किया गया।
भूमिज समाज ने इस पूरे मामले को झारखंड सरकार और राज्यपाल के संज्ञान में लाने की बात कही है और कहा है कि जब तक मामले की जांच नहीं होती, तब तक किसी भी तरह का निर्माण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।

