NEWS LAHAR REPORTER
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान को लेकर देशभर में बढ़ती निर्भरता के बीच अब कुछ दुकानदारों द्वारा दुकानों से UPI के QR कोड हटाने की खबर सामने आ रही है। UPI भुगतान को लेकर शुल्क और कारोबारियों पर पड़ने वाले खर्च की चर्चा के बीच कुछ दुकानदार ग्राहकों से डिजिटल भुगतान के बजाय नकद पैसे लेने पर जोर देने लगे हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों से QR कोड हटाना शुरू कर दिया है। ग्राहकों से कहा जा रहा है कि “कैश लाओ, फिर सामान ले जाओ।” इससे रोजमर्रा की खरीदारी करने वाले उन ग्राहकों को परेशानी हो सकती है, जो सामान खरीदने के लिए डिजिटल भुगतान पर निर्भर रहते हैं।
डिजिटल भुगतान की जगह नकद पर जोर
बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर दुकानदार ग्राहकों को डिजिटल भुगतान करने के बजाय नकद भुगतान करने के लिए कह रहे हैं। दुकानदारों के इस रुख से खासकर उन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, जो अपने पास कम नकदी रखते हैं और छोटे-बड़े लेनदेन के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं।
UPI के जरिए भुगतान देश में रोजमर्रा की खरीदारी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाय-पान की दुकानों से लेकर किराना, मेडिकल स्टोर, रेस्तरां और अन्य छोटे कारोबारों में भी QR कोड के जरिए भुगतान आम हो गया है।
QR कोड हटने से ग्राहकों की बढ़ सकती है परेशानी
अगर अधिक संख्या में दुकानदार डिजिटल भुगतान से दूरी बनाते हैं तो इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ सकता है। खासकर छोटे मूल्य की खरीदारी में लोग नकद रखने के बजाय मोबाइल से तत्काल भुगतान करना अधिक सुविधाजनक मानते हैं।
हालांकि, UPI भुगतान को लेकर शुल्क और दुकानदारों पर वास्तविक लागत के संबंध में स्थिति अलग-अलग भुगतान माध्यमों और लेनदेन के प्रकार पर निर्भर करती है। इसलिए QR कोड हटाने के पीछे दुकानदारों की व्यक्तिगत व्यावसायिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस जानकारी ने एक बार फिर डिजिटल भुगतान बनाम नकद भुगतान को लेकर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दुकानदार और ग्राहक इस बदलाव को किस तरह स्वीकार करते हैं।

